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झांसी की रानी की प्रतिमा


 

  घर से दफ्तर
और
दफ्तर से घर के बीच
चौराहे पर जबसे रानी लक्ष्मी बाई की
प्रतिमा स्थापित हुई है
तब से यह सत्य और सत्य लगता है
कि रिश्तो को कांधें पर सहेजे हुए
मातृत्व को कलेजे से लपेटे हुए
औरत
वाकर, स्मिथ, हूरोज़, जैसो से
लड़ सकती है
औरत मर्दों से आगे
बढ़ सकती है

 

     
 
 
 

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