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न्यूज़ चैनल की खबरें


 

  खबरो का मतलब
गर कुत्ता आदमी को काट ले वो खबर नहीं होती
पर कोई आदमी कुत्ते को काट ले वो खबर होती है
मगर अब तो कुत्तो का भौंकना तक खबर बन जाती है
इसीलिए खबर बिन खबरें मीडिया में ज्यादा छाती है
कभी मटुकनाथ का प्रेम जुली के संग गरमा –गरम खबर बन जाता है
कभी पचहत्तर वर्ष का वृद्ध सत्तरह वर्ष की बालिका संग इतराता है
ऐसी नकारात्मक खबरें दरअसल भेड़ चाल बन जाती हैं
नकारा लोगों को बिन बात प्रसिद्धी दिलाती हैं

स्वतंत्रता दिवस के दिन चैनलों ने
भारतीय ध्वज जितना नहीं दिखाया
उतना बिपाशा से अमेरिका में छेड़छाड़ की खबर को भुनाया
दरअसल
किसी चैनल की टी आर पी बढ़ाने के लिए
अब तो विपाशा, मल्लिका और राखी सावंत
का छिड़ना – छिड़ावाना बहुत जरुरी है
हाय रे ! बाज़ारीकरण के इस दौर में
खबरों का और हमारा संवेदनहीन हो जाना
कितना जरुरी है।

     
 
 
 

कवितायें :

सरस्वती-वंदना | बेटियाँ | माँ | पिता घर |  एस॰एम॰एस॰ व ई मेल | तुम सिर्फ एक जुगनू हो | औरत

 
   

मैं तेरे नाम का अब भी दीया जलाती हूँ | जूही की कली सी याद | आजा ना, आजा ना, साजन जी घर आजा ना

रचने वाले कैसे तूने हमको रचाया है | इंतजार | प्रेम | नदी, सागर और वर्षा | इंसानियत की पैकिंग में शैतानियत

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