|
जानती हूँ यह तुम्हारी दस्तक नहीं
बस हवा का झोंका है
जो मेरा दरवाज़ा खटखटा गया
पर न जाने क्यूं जानते हुए भी
एक बार दरवाज़ा खोल कर देख
लेने को जी करता है कि कहीं तुम भी
बाहर मेरा इंतजार तो नहीं कर रहे
पर डरती हूँ
अगर तुम मुझे वहाँ नहीं दिखे तो ?
इसलिए बंद दरवाज़े के भीतर
आने वाली हर आहट
मुझे तुम्हारा इंतजार करवाती हैं
कि शायद वो तुम्हारी दस्तक हो
हवा का झोंका नहीं।
|